लोकगीत

 लोकगीत

ढोला मारू किस जिले मे प्रचलित है
सिरोही जिले का प्रसिद्ध

अटेलयों बिछियों व ललार लोकगीतकिस क्षेत्र के है
राजस्थान के पर्वतीय क्षेत्र के

मांड गायिकी किस क्षेत्र की लोकगीत शेलिया है
बीकानेर व जैसलमेर

मांड गायिकी की कलाकार
मांड गायिका हैं स्वर्गीय गवरी देवी (बीकानेर )स्वर्गीय हाजल अल्लाह जिलाह बाई (बीकानेर) गवरी देवी (पाली )मांगीबाई (उदयपुर )श्रीमती जमीला बानो (जोधपुर )श्रीमती बन्नो बेगम (जयपुर आदी

मांगणियार गायिकी किन क्षेत्र मे प्रचलित है
बाड़मेर व जैसलमेर

मांगणियार गायिकी के साथ प्रयोग होने वाले वाद्य
कमायचा खड़ताल

मांगणियार गायिकी के कलाकार
साफर खान मांगणियार, गफूर खान मांगणियार, गमडा़ खान मांगणिया, रुकमा देवी, अकला देवी ,समंदर खां मांगणियार,

प्रसिद्ध खड़ताल वादक
स्वर्गीय सद्दीक खान मांगणियार (प्रसिद्ध खड़ताल वादक)

प्रसिद्ध ढोलक वादक
मजान खान (ढोलक वादक)

प्रसिद्ध कमायचा वादक
साकर खां मांगणियार( कमायचा वादक)

लंगा गायिकी किन क्षेत्रो मे प्रचलित है
बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर और जैसलमेर जिले के पश्चिमी क्षेत्रों में

लंगा गायिकी के साथ किन वाद्य यंत्रो का प्रयोग
सारंगी और कमायचा अलगोजा

लंगा गायिकी के प्रसिद्ध कलाकार
फूसे खॉ, महरदिन लंगा, अलाउद्दीन लंगा, करीम खान लंगा

तालबंदी की गायन शेली किन क्षेत्रो मे प्रचलीत है
जस्थान के पूर्वी अंचल भरतपुर ,धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर

तालबंदी की गायन शेली किन वाद्य यंत्रो का प्रयोग
प्रमुख वाद्य सारंगी, हारमोनियम, ढोलक, तबला और झॉझ है और बीच बीच में नगाड़ा( बंब) भी बजाते हैं

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